साल 1959 में राज कपूर एक फिल्म बना रहे थे ‘जिस देश में गंगा बहती है’ उस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही उन्होंने फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ का आइडिया अपने दिमाग में बना लिया था, जिसे 26 साल बाद राजकपूर ने इस आईकॉनिक फिल्म को पर्दे पर उतारा।
विवादों में घिरी थी फिल्म
साल 1985 में आई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ उस साल की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म थी। फिल्म के गाने, कहानी, और स्टारकास्ट हर किसी को फिल्म के लिए सराहा गया था, लेकिन फिल्म को कई विवादों का सामना भी करना पड़ा, जिसका कारण था फिल्म में मौजूद दो बोल्ड सीन।
राज कपूर को आखिर क्यों था सफेद साड़ी से Obsession
चाहे इसे लकी चार्म कहो या कोई जादू, पर राज कपूर की फिल्म में लीड एक्ट्रेस एक बार तो सफेद साड़ी में जरुर नजर आती थीं। ऐसे ही फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में मंदाकिनी भी सफेद साड़ी में नजर आई थी। ऐसा राज कपूर इसलिए करते थे क्योंकि एक बार उन्होंने अपनी पत्नी कृष्णा को एक सफेद साड़ी तोफहे में दी। जब कृष्णा वो साड़ी पहन कर आईं तो राज कपूर को वो काफी खूबसूरत लगीं, जिसके बाद से उन्होंने अपनी हर फिल्म में हिरोइन को सफेद साड़ी में पर्दे पर दिखाया।
गाना सुन दीवाने हो गए थे राज कपूर
ये बात अरसे पुरानी है जब रणधीर कपूर (Randhir Kapoor) और राज कपूर (Raj Kapoor) किसी समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली आए थे. तब रविंद्र जैन ने एक गाना गाया. वो गाना था – एक राधा एक मीरा, दोनों ने श्याम को चाहा. ये गाना जब राज कपूर साहब ने सुना तो वो दीवाने हो गए. उन्होंने रविंद्र जैन को अपने घर बुलाकर फिल्म में ये गाना देने के लिए साइन कर लिया. हालांकि ये गाना किस फिल्म में इस्तेमाल होना था तब तक ये तय नहीं था क्योंकि तब राज कपूर (Raj Kapoor) कोई फिल्म बना ही नहीं रहे थे. ऐसे रणधीर कपूर को लगा कि शायद इस गाने के लिए दिया गया अमाउंट यूं ही बेकार हो जाएगा. लेकिन 4 दिन के बाद कुछ और गाने तैयार कर लिए गए. जब ये गाने सुने गए तो कमाल लगे. लिहाजा इन गानों से मिलती जुलती ऐसी कहानी लिखी गई जो हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज हुई. क्योंकि इसी कहानी पर बनी राम तेरी गंगा मैली.
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खो गई फिल्म की स्टारकास्ट
उन दिनों राज कपूर की फिल्मों का हिस्सा होना गर्व की बात मानी जाती थी। उन्होंने इंडस्ट्री को कई सुपरस्टार भी दिए और साथ ही कई स्टार्स की डूबती नैया को भी पार लगाया है, जिसमें सबसे पहला नाम आता है उनके बेटे राजीव कपूर का। फिल्म तो हिट रही लेकिन इसकी स्टारकास्ट फ्लॉप साबित हुई।
25 जुलाई 1985 में रिलीज हुई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में राजीव के अपोजिट मंदाकिनी थीं, हालांकि वह उसी साल फिल्म ‘मेरा साथी’ और ‘आर पार’ में नजर आईं थी, लेकिन मंदाकिनी को हमेशा राज कपूर की खोज माना जाता है। इन दोनों के अलावा फिल्म में एक और खूबसूरत एक्ट्रेस थी दिव्या राणा। यहां दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों का फिल्मों करियर आगे नहीं बढ़ पाया।
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