Logo

प्रिया राजवंश की कहानी किसी परिकथा से कम नहीं..

आज हम बात कर रहे हैं प्रिया राजवंश की ,,,,जी हां प्रिया  राजवंश की कहानी किसी परिकथा से कम नहीं….शिमला में जन्म हुआ…लंदन के रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स से एक्टिंग की पढ़ाई की..और फिर  60- 70 के दशक में बॉलीवुड में छा गईं….दरअसल प्रिया राजवंश का लंदन से मुंबई तक का सफर एक तस्वीर से शुरू हुआ…हुआ ये था कि लंदन में थिएटर के दौरान की उनकी एक तस्वीर… फिल्ममेकर ठाकुर रणवीर सिंह के पास पहुंच गई…रणवीर ठाकुर सिंह ने जब प्रिया की तस्वीर देखी…तो वे उनकी खूबसूरती को निहारते रह गए…फिर उन्होंने प्रिया की वो तस्वीर अपने दोस्त चेतन आनंद को दिखाई…चेतन आनंद उन दिनों एक फिल्म बना रहे थे..फिल्म थी  हकीकत…उन्होंने फैसला कर लिया था…हकीकत फिल्म में लीड रोल प्रिया  राजवंश को ही देंगे..और उन्होंने ऐसा ही किया….साल 1964 में जब हकीकत रिलीज हुई…तो हिट साबित हुई और प्रिया राजवंश सुपरहिट..इसके बाद तो प्रिया के पास फिल्मों के ढेर सारे ऑफर आने लगे…लेकिन उनकी असल पहचान बनी चेतन आनंद की ही फिल्म हीर रांझा से

प्रिया राजवंश का असली नाम वीरा सुंदर सिंह था…चेतन आनंद की सलाह पर ही उन्होंने अपना नाम बदला था….ऐसा कहते हैं कि फिल्मों की शूटिंग के दौरान ही प्रिया और चेतन आनंद एक दूसरे को पसंद करने लगे..चेतन आनंद उनसे 15 साल बड़े थे …शादीशुदा भी थे..लेकिन पत्नी से अनबन चल रही थी…और वो अलग रह रहे थे..,,,चेतन आनंद प्रिया को लेकर इतने पजेसिव थे..वो उन्हें किसी और फिल्म मेकर के साथ काम नहीं करने देते थे…जिसका असर प्रिया की रील लाइफ पर भी पड़ा..फिल्म हकीकत के बाद जितनी भी उन्होंने फिल्में बनाई…उनमें प्रिया को ही बतौर हीरोइन साइन किया…साल 1964 से 1986 तक प्रिया राजवंश ने महज सात फिल्में ही कीं…उनकी आखिरी फिल्म हाथों की लकीरें थी…क्योंकि चेतन आनंद ने फिल्में बनाना बंद कर दिया था…लिहाजा प्रिया का करियर भी खत्म हो गया…प्रिया और चेतन आनंद ने कभी शादी नहीं की थी…दोनों मुंबई के रुइया पार्क बंगले पर साथ रहते थे…चेतन आनंद ने अपनी आधी प्रॉपर्टी भी प्रिया के नाम कर दी थी….इसलिए प्रिया के मर्डर का आरोप चेतन आनंद के दोनों बेटे विवेक और केतन पर लगा…हालांकि उन पर आरोप साबित नहीं हो पाया…

 

gulzar sahab हैप्पी बर्थडे सचिन